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Surmayi Sanjh

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जिस प्रकार विभिन्न नदियाँ मिलकर एक समुद्र का रूप ले लेती है, उसी प्रकार मेरी विभिन्न कविताओं ने मिलकर 'सुरमई साॅंझ' का रूप ले लिया है। प्रस्तुत पुस्तक ज़िंदगी के नवरस का समूह है। खुशी, उल्लास, बहन-भाई का रिश्ता, कहीं कन्यादान तो कहीं ज़िंदगी की सच्चाई और सुनहरे सपनों से ओतप्रोत, आदि सभी विषयों की कविताएँ इस काव्य संग्रह में समाहित है।

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ISBN: 9789354525759 | Language: Hindi | Pages: 71
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" My books are marked down because most of them are marked with a on the edge by publishers. "

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