घà¥à¤Ÿà¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? दिल में दबा जज़à¥à¤¬à¤¾à¤¤ हैं घà¥à¤Ÿà¤¨, जो हम किसी और से नही कह सकते | अगर हम हमारे आसपास देखे तो हमारा समाज अनेक *समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚* से जूठरहा है | मासिक धरà¥à¤® को लेकर समाज में चल रही कà¥à¤°à¥€à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आज à¤à¥€ महिलाओं के पà¥à¤°à¤—ति में बाधा बनी हà¥à¤ˆ हैं , जब हम अपने ज़ेहन में चलते à¤à¤¾à¤µ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ नहीं कर पाते तो वो घà¥à¤Ÿà¤¨ हमें जीने नही देती | चाहे कोई à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो उसका समाधान होता हे, घà¥à¤Ÿà¤¨ तब तक हमें आजादी नही बकà¥à¤¸ दे गी जब *तक* हम वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना शà¥à¤°à¥‚ नहीं करेंगे चाहे हमारे कलम से हो या वाणी से , हम जितना वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करेंगे उतना ही मन को शांत महसूस कारा सकते हैं |
Ghutan
₹299.00Quis autem vel eum iure reprehenderit qui in ea voluptate velit esse quam nihil molestiae consequatur, vel illum qui dolorem eum fugiat quo voluptas nulla pariatur erit qui in ea voluptate
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